
मप्र नागरिक आपूर्ति निगम (नान) ने फोर्टिफाइड राइस की सप्लाई के लिए टेंडर में ऐसी गड़बड़ी की कि प्रदेश को 63 करोड़ रुपए ज्यादा चुकाने पड़ेंगे।
#DPRFactCheck: मध्यप्रदेश में उपार्जन के उपरांत धान को मिलर्स के माध्यम से चावल में परिवर्तित किया जाता है। भारत सरकार के SOP के अनुसार मिलर्स को प्रत्येक क्विंटल चावल में 1 प्रतिशत FRK अनिवार्य रूप से मिलाना होता है, और इस FRK की खरीद एवं मिश्रण की पूर्ण जिम्मेदारी मिलर्स की होती है।